बिलासपुर। लिंग्याडीह में सड़क चौड़ीकरण के लिए चल रही अतिक्रमण हटाने की मुहिम ने एक मासूम की जान ले ली। कैंसर से पीड़ित 6 साल के बच्चे ने जीवन की अंतिम सांस तब ली जब उसके घर पर निगम का बुलडोजर चल रहा था। इस घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। शोक और आक्रोश से उबलते ग्रामीणों ने बच्चे का शव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए और जमकर प्रदर्शन किया।

मामला लिंगियाडीह-चिंगराजपारा इलाके का है, जहां नगर निगम ने पिछले दिनों अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई में एक ऐसे गरीब परिवार का घर ढहा दिया जिसका एक 6 वर्षीय बच्चा कैंसर से पीड़ित था। बच्चा जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था और माता पिता उसे लेकर इलाज करने गए थे। घर में उनके दो अन्य बच्चे थे। इसी बीच नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता पहुंचा और उनके घर को तोड़ दिया। इस दौरान घर में मौजूद दोनों बच्चे रोते और गिड़गिड़ाते रहे लेकिन उनके एक न सुनी गई। बच्चों ने बताया कि मां-पापा नहीं हैं, 6 साल के भाई को लेकर इलाज के लिए रायपुर गए हैं। लेकिन उनकी नहीं सुनी गई और बुलडोजर चला दिया गया। पीड़ित संतोष यादव और उनकी पत्नी श्रद्धा यादव का कहना है कि पहले निगम के अफसरों ने तोड़फोड़ के लिए केवल 1 कमरे को चिन्हित किया था लेकिन कार्रवाई के दौरान पूरे मकान को ढहा दिया। इस बीच आज कैंसर पीड़ित बच्चे की मौत हो गई। पहले से आक्रोशित लोगों को बच्चे की मौत ने और आंदोलित कर दिया और शव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यहां पर जमकर प्रदर्शन किया और न्याय दिलाने की गुहार लगाने लगे। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क चौड़ीकरण जैसे प्रोजेक्ट्स को लागू करने से पहले गरीब और कमजोर वर्ग के लिए उचित पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना की गहन जांच की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने प्रभावित परिवार को आर्थिक मदद और अन्य आवश्यक सहायता करने का वादा किया। संतोष यादव का यह भी आरोप है कि उन्हें रहने के लिए आवास दिया गया है, वह एकदम जर्जर है। वहां पानी तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में वे अपने परिवार को लेकर कहां जाएं। जबकि कैंसर पीड़ित बच्चे के दम तोड़ने से मोहल्ले के लोग आक्रोशित हैं और भेदभावपूर्ण कार्रवाई करने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

