बिलासपुर – आईजी डॉ शुक्ला ने बताया कि पिछले साल 1354 अपराध लंबित थे एवं वर्ष 2024 में 13,127 अपराध दर्ज किये गये। इस प्रकार कुल 14,481 अपराधों थे। लेकिन वर्तमान में 1280 अपराध लंबित हैं। अभी केवल 8.83 प्रतिशत अपराध लंबित हैं।
– रात्रि गश्त के लिये शहर एवं देहात में कुल मिलाकर 45 प्वाइंट निर्धारित किये गये हैं। जो पहले 12 – 15 पॉइंट होते थे। सभी प्वाइंट में आरक्षकों को रायफल के साथ रात्रि गश्त हेतु लगाया जा रहा है।
– ड्रग नेटवर्क के विरूध्द कार्यवाही :-
प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के द्वारा प्रदेश में नशे को समूल नष्ट करने प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं। शासन की नशा विरोधी मुहीम में बिलासपुर रेंज के पुलिस अधीक्षकों ने कड़ी कार्यवाही लगातार की जा रही है। पुलिस ने नशे के आदतन सौदागरों की सम्पत्ति भी जप्त की है जो प्रदेश में पहली कार्यवाही है। प्रापर्टी अटैचमेंट और कुर्की की कार्यवाही की जायेगी। स्कूल/कालेजों, बस्ती एरिया एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चेतना जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों के नशे के दुष्प्रभावों को बताकर जागरूक कर रहे है।
आपरेशन प्रहार के तहत जिले में 90 गुण्डा बदमाशों की नयी गुण्डा फाईल तैयार कर कार्यवाही की गई है। 25 निगरानी फाईल तैयार कर उन सभी पर निगाह रखी जा रही है। संगठित अपराध करनें वाले गैंगस्टरों के विरूध्द 10 हिस्ट्रीशीट खोली गई है। सभी के विरूद्ध कड़ी धाराओं के तहत कार्यवाही की गई है। बदमाशों के खिलाफ जिले में 217 आर्म्स एक्ट के प्रकरण दर्ज कर उनसे 06 नग पिस्टल, 10 देशी कट्टा, 01 रिवाल्वर, 29 जिंदा कारतुस, 215 अन्य धारदार जैसे चाकू, तलवार, गंडासा, फरसा, गुप्ती एवं खुखरी आदि हथियार जप्त किये गये हैं। वर्ष 2024 में पुलिस ने जिला बदर की कार्यवाही के लिए 50 प्रकरण जिला कलेक्टर की ओर प्रतिवेदन भेजा गया है। जिसमें कलेक्टर ने 13 जिला बदर के लिए आदेश जारी किया है। अपराधों पर नियंत्रण के लिए लघु अधिनियम के अंतर्गत कुल 74,067 कार्यवाहियॉं की गई हैं। इनमें मुख्य रूप से आर्म्स एक्ट के 217, एन.डी.पी.एस. में 111, जुआ सट्टा के 353, आबकारी अधिनियम 4,214, पशु क्रूरता अधिनियम के तहत 14, मो.व्ही.एक्ट के अंतर्गत 69023 कार्यवाही शामिल हैं। जो पिछले साल की तुलना में काफी अधिक हैं। जिसका परिणाम अपराध के नियंत्रण के रूप में देखा जा सकता है। अपराधों की रोकथाम के लिए प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कुल 14,921 प्रकरणों में कार्यवाहियॉं की गई हैं । बल में अनुशासन बनाये रखने के लिए अच्छे कार्यों को पुरस्कृत एवं अनुशासनहीनता एवं कर्तव्य में लापरवाही के लिये पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है। इस वर्ष 3,778 को अच्छे कार्य के लिये पुरस्कृत किया गया है वहीं 505 अधिकारी कर्मचारियों को अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिये दंडित किया गया है। 09 आरक्षकों को गंभीर कदाचरण के लिये विभाग की सेवा से पृथक किया गया है।

