बिलासपुर। शहर के प्राइम लोकेशन में स्थित मिशन अस्पताल की लीज समाप्त होने और नवीनीकरण न होने के चलते जिला प्रशासन ने बुधवार को अस्पताल परिसर पर कब्जा कर लिया। 1885 में स्थापित इस अस्पताल की लीज 1994 में समाप्त हो गई थी, जिसके बाद प्रबंधन ने 30 वर्षों तक लीज का नवीनीकरण नहीं कराया। इसके बावजूद, अस्पताल प्रबंधन ने परिसर का व्यावसायिक उपयोग जारी रखा, जिससे प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
(प्रबंधन ने किया था लीज की शर्तों का उल्लंघन)
लीज की शर्तों के अनुसार, बिना कलेक्टर की अनुमति के निर्माण में बदलाव और व्यावसायिक गतिविधियां प्रतिबंधित थीं। बावजूद इसके, प्रबंधन ने अस्पताल परिसर में चौपाटी बनाकर किराए पर चढ़ा दिया और लाखों रुपये का किराया वसूलने लगे। इस उल्लंघन के चलते जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप किया और कब्जे की कार्रवाई प्रारंभ की। मिशन अस्पताल के लीज धारकों की अपील कमिश्नर न्यायालय से निरस्त होने के बाद, जिला प्रशासन ने अस्पताल परिसर के अलावा आसपास की जमीनों पर कब्जा कर लिया था। कमिश्नर कोर्ट ने लीजधारकों की अपील खारिज कर दी थी, जिससे प्रशासन को कार्रवाई का अधिकार मिला। हाई कोर्ट के आदेश के बाद, बुधवार को जिला प्रशासन ने मिशनरी के कब्जे वाले अस्पताल को जमींदोज करने की कार्रवाई प्रारंभ की। नगर निगम का अमला सुबह से ही पुलिस बल की मौजूदगी में कैम्पस के भीतर बने भवनों को ढहाने में जुटा रहा।
(भूमाफियों का जमीन पर कब्जा)
बताते चलें कि मिशन को दी गयी लीज की जमीन के बहुत बड़े हिस्से पर भूमाफियों का कब्जा है। इतना ही नहीं मिशन के कुछ गैर जिम्मेदार लोगों ने जमीन को टुकडों में बेचकर बहुत सम्पत्ति बनाया है। शासन का स्प्ष्ट निर्देश है कि जमीन लीज पर दी गयी है। मालिकाना हक शासन का है। बावजूद इसके जमीन को बेचा जाना गैर कानूनी है। जानकारी मिल रही है कि शासन बेची गयी जमीन की रजिस्ट्री रद्द कराने की तैयार कर रही है।
(शासन के आदेश पर कार्रवाई)
निगम कमिश्नर अमित कुमार ने बताया कि नजूल आदेश पर जमीन पर बने जर्जर भवन को गिराने की कार्रवाई की जा रही है। भवन को पहले ही जर्जर घोषित किया था। सारी प्रक्रिया के बाद अतिक्रमण दस्ता टीम भवन को गिराने का काम कर रही है खाली जर्जर भवन काफी खतरनाम साबित हो सकता था।इसलिए प्रशासन के आदेश पर भवन को जमीदोज किया जा रहा है।

