छत्तीसगढ़ बिलासपुर – छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुकेश चंद्राकर की हत्या कर उनके शव को एक सेप्टिक टैंक में छुपा दिया गया था। मुकेश के शव को टैंक में छुपाकर ऊपर से कंक्रीट बिछा दी गई थी। पुलिस को जेसीबी चलाकर टैंक तोड़ना पड़ा और फिर पत्रकार का शव बरामद किया गया। उक्त शव के जांच मे पता चला की पहले पत्रकार की गला घोटी गई है जिसके बाद उसके सर पर वार किया गया है जिसके कारण सर पर गहरा निशान है शनिवार को उनका शव पंचतत्त्व मे विलीन हो गया परन्तु इस घटना ने पत्रकार जगत को झकझोर के रख दिया है। पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या ने प्रदेशभर में गहरा आक्रोश फैला दिया है। इस घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। इसे लेकर बिलासपुर प्रेस क्लब ने शनिवार की दोपहर 12 बजे आपात बैठक बुलाई, जिसमें घटना की कड़ी निंदा करते हुए न्याय की मांग की गई। मुकेश चंद्राकर, जो बीजापुर में स्वतंत्र पत्रकार के रूप में सक्रिय थे, उनकी हत्या के पीछे की वजहों का अब तक स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। पत्रकारों का मानना है कि इस घटना में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिले।

बिलासपुर प्रेस क्लब में हुई बैठक में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि हत्याकांड की जांच छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए। बैठक के बाद मृतक पत्रकार को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके उपरांत, सभी पत्रकारों ने राघवेंद्र राव सभा से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मौन जुलूस निकालकर विरोध जताया।

पत्रकारों ने एडिशनल कलेक्टर और जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निम्नलिखित मांगे रखी गईं:
1. पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए।
2. हत्याकांड की जांच हाई कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।
3. मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।
4. फील्ड में काम करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने शासन से निर्देश जारी हों।
( केंद्रीय आवास राज्य मंत्री तोखन साहू को भी ज्ञापन सौंपा गया। इसमें पत्रकार सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई)
(मुकेश ने चलाया ‘बस्तर जंक्शन)
मुकेश ने एनडीटीवी सहित समाचार चैनलों के लिए एक स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम किया और एक यूट्यूब चैनल, ‘बस्तर जंक्शन’ चलाया, जिसके लगभग 1.59 लाख सबस्क्राइबर हैं। उन्होंने अप्रैल 2021 में बीजापुर में ताकलगुडा नक्सली हमले के बाद माओवादियों की कैद से कोबरा कमांडो, राकेश्वर सिंह मन्हास की रिहाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें 22 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।
(सुरेश चंद्राकर के 3 बैंक अकाउंट फ्रीज)
बस्तर IG सुंदरराज पी ने कहा कि, रितेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके घटना के मुख्य आरोपी हैं। वहीं सुरेश चंद्राकर को भी आरोपी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सुरेश चंद्राकर के 3 बैंक अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है। वहीं शनिवार को पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के आरोपी के ठिकाने पर बुलडोजर भी चलाया गया है।
(तीनो आरोपी पुलिस गिरफ्त मे बाकी की तलाश जारी )



