– बेरोजगारो को सरकारी नौकरी दिलाने उठाया बिडा ।
– सिरगिट्टी स्थित शारदा मंदिर के पास विगत 2 साल से दे रहें नि: शुल्क ट्रेनिंग।
– बच्चों को नशे से दूर रखने करा रहें खेल के लिए तैयार।
बिलासपुर – प्रतियोगी परीक्षाओं में लिखित परीक्षा के साथ ही फिजिकल फिटनेस का भी महत्व अधिक होता है। फिजिकल परिक्षा के पास करने के बाद ही छात्र सरकारी नौकरी में चयनित हो पाते है कई बार फिजिकल एजुकेशन की कमी के चलते छात्र प्रतिभावान होने के बावजूद भी नौकरी से अछूते रह जाते है। ऐसे में सिरगिट्टी इलाके मे एक रेलवे कर्मी अपने सहयोगी के साथ शहर व आस पास ग्रामीण अंचलो के छात्र छात्रों के लिए संजीवनी बूटी बन कर उभरे है। बिना किसी निजी स्वार्थ के ए दोनों रोजाना सैकड़ो लोगो को निः शुल्क फिजिकल परिक्षा की तैयारियां करा रहे हैं वर्तमान मे ऐसे बच्चों को नि:शुल्क एसआई,रेलवे,एसएससी,फारेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा के लिए फिजिकल ट्रेनिंग दे रहे हैं उनकी मेहनत रंग भी ला रही है।
👉 बिना संघर्ष के प्रतिभा को पहचान मिलना संभव नहीं है ऐसे ही एक संघर्ष की कहानी रेलवे के एक कर्मी ने लिख डाली जो निगम क्षेत्र सिरगिट्टी शारदा मंदिर से लगे एक मैदान नुमा स्थान पर रेलवे कर्मी कोट्टी रेड्डी अपने सहयोगी अन्ना के साथ मिलकर बेरोजगार युवक युवतियों को सरकारी नौकरी दिलाने का बिड़ा उठा रहें है इनके द्वारा तीन पाली मे न केवल युवक युवतियों को बल्कि छोटे बच्चों को भी फिजिकल ट्रेनिंग दी जा रही है। पेसे से रेलवे मे सीनियर क्लर्क के पद पर कार्यरत पी कोट्टी का कहना है की मन विचलित हो और कुछ अच्छा न लगे तो निराश नहीं होना चाहिए। बल्कि इन विपरीत परिस्थितियों से बाहर निकलने का विकल्प ढूंढकर उस पर अमल करना चाहिए मदद करने से भी मन को सुकून मिलता है और तनाव दूर होता है पी कोट्टी रेड्डी ने भी इसी पर अमल करते हुए गरीब परिवार के संघर्षरतं प्रतिभावान खिलाड़ी को अपने साथ लेकर आज विगत 6 वर्षो से लोगो को फिजिकल ट्रेनिंग दे रहें है कोट्टी बताते है की जीवन मे एक पल ऐसा भी आया की सब कुछ छोड़ गांव वापस लौटने की नौबत आई परन्तु साथियों की समझाइश और मार्गदर्शन से अनुभव हुआ कि वे अपने प्रतिभा और फिटनेस से तैयारी करने वाले छात्रों को उनकी मंजिल तक पहुंचा सकते हैं इसी सेवा भावना को अपना कर गरीब बच्चों की मदद करने का संकल्प लिया पी कोट्टी बिलासपुर रेलवे में सीनियर क्लर्क के पद पर कार्यरत है रेड्डी इंटर रेलवे में रजत और कांस्य पदक प्राप्त कर चुके हैं। एथेलेटिक्स में भी रेड्डी नेशनल खिलाड़ी रह चुके हैं। 2020-21 इंटर रेलवे में इन्हे कास्य पदक भी मिल चूका है ।

👉 अक्सर अच्छे कामो मे आती है अडचन,पर समाधान भी निकल जाता है
साथियों की समझाइस से कोट्टी ने अपने प्रतिभा और फिटनेस से तैयारी करने वाले छात्रों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने की तो ठान ली परन्तु उसके लिए उन्हें एक मैदान की जरूरत थी। इस दौरान ग्राउंड के लिए भी संघर्ष करना पड़ा कहते है अच्छे काम पर अड़चने तो आती ही है लेकिन, उन अड़चनों को दूर करने का समाधान भी मिल जाता है मित्रों और कुछ समाजसेवकों की मदद मिली। तब जाकर सेवा भावना से आज वे सिरगिट्टी क्षेत्र मे गरीब बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फिजिकल ट्रेनिंग दे रहें है।
👉यूनिफार्म से लेकर उपकरण भी कराते हैं उपलब्ध
रेड्डी ट्रेनिंग के साथ- साथ प्रतिभागियों को यूनिफार्म और तैयार के लिए जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराते हैं। यह सभी सुविधाएं नि: शुल्क है। उनका केवल ही मकसद है कि संसाधानों के अभाव में प्रतिभावना बच्चे गुमनाम न हो जाए, उन्हें उचित प्लेटफार्म मिले। उनका कहना है कि आखिरी सांस तक इसी तरह बच्चों की मदद करते रहे हैं चाहे कितनी भी मुसीबतें क्यो न आए हर किसी को अपने कार्य से समय निकालकर लोगो की मदद करनी चाहिए।
👉युवक युवतियों के साथ ही छोटे बच्चों को करा रहें स्पोर्ट की तैयारी
सूर्या फिजिकल अकादमी के संचालक पहले अकेले ही युवक युवतियों को फिजिकल ट्रेनिंग देते थे जिसके बाद उनसे ट्रेनिंग लेने वालो की संख्या मे बढ़ोतरी होते गई जिसके बाद उन्होंने अपने साथ ही एक सहयोगी रखे है। अब दोनों मिलकर न केवल क्षेत्र के युवक युवतियों को फिजिकल ट्रेनिंग दे रहे है बल्कि बच्चों को भी खेल कूद मे आगे बढ़े इस उद्देश्य से ट्रेनिंग दे रहें है उनका उद्देश्य केवल प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फिजिकल ट्रेनिंग देना नहीं है। बल्कि छोटे बच्चों को भी वह प्रशिक्षण देते हैं,जिससे कि वे बचपन से ही स्पोर्ट्स में रुचि रखें और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ें उनके द्वारा प्रशिक्षित बच्चे स्कूल स्तर से लेकर जिला व राज्य स्तर पर भी प्रतिभाग कर चुके हैं।
👉इनके मार्गदर्शन मे अब तक सैकड़ो प्रतिभागी को मिली सफलता
इनके द्वारा ट्रेनिंग लेने वालो मे से वर्तमान मे ही 54 बच्चों का चयन सब इंस्पेक्टर में हुआ है 4 बच्चे सीपीओ फिजिकल निकाले हैं साथ ही 7 बच्चे एसएससी जीडी फिजिकल मे कामयाबी हासिल कर लिए है जबकि इससे पूर्व सैकड़ो की नौकरी लग चुकी है। वर्तमान में सूर्या फिजिकल अकादमी के द्वारा सुबह लगभग 150 बच्चों और दोपहर में लगभग 80 से 100 बच्चों का लगातार नि:शुल्क ट्रेनिंग दि जा रही है

