पिछले कई सालो से मनाते आ रहे करवा चौथ एक साथ सभी करते है पूजा।
– विवाह के बाद बेटी भी अपने मायके मे सीखी परम्परा अब सासुराल मे निभा रही।
बिलासपुर –
(करवा चौथ विशेष)
करवा चौथ का दिन हर सुहागिन महिला के लिए बहुत खास होता है इस दिन महिलाऐं अपने पति की लंबी आयु और खुशहाल जीवन के लिए व्रत रखती हैं वहीं, कुंवारी लड़कियाँ भी अपने होने वाले पति के लिए या मनचाहे पति के लिए यह व्रत रखती हैं। सिरगिट्टी क्षेत्र मे एक परिवार ऐसा भी है जो हर त्योहार के साथ-साथ करवा चौथ को पिछले कई पीढ़ी दर पीढ़ी मनाते आ रहे है इस परिवार मे पहले सासुए इस उपवास को शुरू की थी जिसके बाद उनकी बहु अब बहु,बेटी सब इस करवा चौथ के व्रत को न केवल रहती है बल्कि एक साथ एक ही जगह रहकर चाँद के बाद अपने पति का दीदार करती है।

निगम क्षेत्र सिरगिट्टी बन्नाक चौक मे रहने वाले स्व. सहसराम श्रीवास व उनकी स्वर्गीय पत्नी ने इस व्रत को रखे हालांकि उस समय सुविधाओं के आभाव के बिच जैसे तैसे इस व्रत को रखना शुरू किए उस समय इसे सकट उपवास के नाम से जाना जाता था आज भी बुजुर्ग उसे उसी नाम से जानते है उस समय सिर्फ गाय के दूध से चाँद को अर्ध देकर जल ग्रहण करते थे । जिसके बाद उनके पुत्र स्व.रोबिन श्रीवास व उनकी धर्मपत्नी स्व.हीराबाई श्रीवास के द्वारा अपनी छह बहूओ को इस पावन करवा चौथ की कथा सुनाई वही हर विपप्ति काल मे इस व्रत को रखने की बात कहते हुए इसकी शुरुआत करवाई अब इस परिवार की सभी इस व्रत को नियमित तौर पर करते आ रही है।

ए उन परिवार के लिए भी एक प्रेरणा है जो किसी भी त्योहार को एक साथ नहीं मनाते घर मे स्थिति जैसी भी हो परिवार को बांधे रखने के लिए ही भारत भूमि मे अलग अलग कई त्योहार बनाए गए है। ताकि सभी एकजुटतता के ताग मे बंधे रहे अब इस परिवार मे कुल छै बेटो के पांच पुत्र विवाहित है पाँच बेटो की पत्नियां भी अपने सुहाग की सलामती व परिवार मे खुशहाली बने रहे इस कामना व अपने परिवार मे पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही प्रथा को बरकरार रखते हुए प्रतिवर्ष करवा चौथ का व्रत रखकर निर्जला उपवास रहती है। इस परिवार मे सबसे बड़ी बहु भोला प्रसाद श्रीवास की धर्मपत्नी है यु तो इस परिवार मे सभी बहुए अलग अलग परिवार से बहु बन कर इस परिवार मे आई है परन्तु सभी मे सगी बहन जैसा ही स्नेह व प्यार है ।

(एक पुत्री की हुई शादी मायके मे सीखी परम्परा को ससुराल मे निभा रही )
इस परिवार मे पुत्रो के साथ ही चार बेटियां है जिसमे से तीन छोटी तो एक बड़ी बहन रितु श्रीवास है जिसकी शादी रायपुर मे हुई है। जब उसकी सगाई हुई तबसे अपनी माँ चाची माँ व भाभीयों मे रजनी श्रीवास,सरोजनी श्रीवास, राजकुमारी श्रीवास,तृप्ति श्रीवास,वंदना श्रीवास के साथ मिलकर करवा चौथ का उपवास रखती है। उनकी माने तो वो अपने मायके की परम्परा को सासुराल मे भी बाखूबी निभा रही है इसके साथ ही वो अपने परिवार मे अपने से छोटी देवरानी जेठानी को भी अपने परिवार व पति की सलामती के लिए करवा चौथ उपवास रहने बोलती है वहा भी सभी इस व्रत को रखते है।


