– सिरगिट्टी मे माता पंडालो के साथ ही चैतन्य देवीयाँ देखने उमड़ रहा भीड़।
– पहले दिन अतिथियो के सम्मान के साथ शुरू हुआ माता दर्शन।
बिलासपुर ! सिरगिट्टी ! तीन बार ओम की ध्वनि उच्चारण के साथ ब्रह्मांड की समस्त शक्ति से जुड़कर नवरात्रि के रूप में कन्या द्वारा नवदुर्गा के आध्यात्मिक रहस्य को बताते हुए बन्नाक चौक सिरगिट्टी स्थित प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय भवन में चैतन्य देवियों की झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

जिसमें एक के बाद एक चैतन्य देवियों का विशाल पर्वत एवं गुफाओं से प्रकट होकर जड़ मूर्ति के रूप में स्थिर होकर भक्तों को दर्शन देने के साथ ही सभी को शांति और दिव्यता की अनुभूति करा रही है। सर्वप्रथम धिरेन्द्र कुमार सिंह,प्रियंका सिंह वार्ड पार्षद पुष्पेंद्र साहु,पार्षद रवि साहु,पवन साहु व ब्रह्माकुमारी बी.के.कामता दीदी व सहयोगियों के द्वारा दीप प्रज्वलित व आरती उतार कर उद्घाटन किया गया। अष्टभुजा धारी दुर्गा मां की अष्ट शक्तियां (समाने की शक्ति, सहन करने की शक्ति ,सामना करने की शक्ति,समेटने की शक्ति,परखने की शक्ति,निर्णय लेने की शक्ति,सहयोग करने की शक्ति,विस्तार को संकीर्ण करने की शक्ति) हम सभी में मां के रूप में विद्यमान है हमारे अंदर की हर शक्ति हमारी मां है।

यह सन्देश मूर्ति रूप में विराजित चैतन्य देवियाँ दे रही है ज्ञात हो की योग मेडिटेशन के सतत अभ्यास द्वारा तन और मन की स्थिरता,एकाग्रता के कारण कन्याएं अचल और अडोल मूर्तियों के समान प्रतीत होती हैं। यह झांकी 11 अक्टूबर तक सर्व के नि:शुल्क दर्शनार्थ प्रतिदिन शाम को 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक रहेगी झांकी के अंत में सभी को राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास द्वारा बताया जा रहा है कि हमारे एक सकारात्मक विचार में सब कुछ बदलने की शक्ति है। इस चैतन्य देवी झांकी मे माँ दुर्गा की रूप मे ब्रह्माकुमारी प्रीति बहन,माँ सरस्वती के रूप में ब्रह्माकुमारी गरिमा बहन,माता लक्ष्मी के रूप में ब्रह्माकुमारी सविता,मां काली के रूप में ब्रह्माकुमारी रंजना व ब्रह्माकुमारी पूजा ब्रह्मकुमारी के रूप में सामिल है।


(सिरगिट्टी बन्नाक मे कल भव्य चुनरी यात्रा के साथ विविध आयोजन) कल महाष्टमी के अवसर पर माता का चुनरी यात्रा का आयोजन बन्नाक चौक एकलव्य परिवार सहित नगर वाशियो के द्वारा किया जाएगा। यात्रा की शुरुवात माता चौरा बन्नाक से प्रारंभ होगी इसमें सामिल होने समिति के द्वारा पहले से ही सभी घरो मे पहुंचकर पीला चावल निमंत्रण स्वरूप देते हुए सभी को आमंत्रित किया गया है। यात्रा के दौरान प्रत्येक विराजित माता पंडालो मे चुनरी भेट करने के साथ ही माता के जयकारे लगाए जाएंगे यात्रा के समापन पश्चात महाआरती भोग वितरण किया जाएगा ।

(त्रिपुर सुंदरी मरी माई मंदिर मे कन्या भोज का आयोजन) कल अष्ट्मी पर सिरगिट्टी लोको कालोनी स्थित माँ त्रिपुर सुंदरी मरी माई मंदिर मे बीते दिनों माता का राजश्री श्रृंगार के साथ ही नवचंडी पाठ किया गया जिसके बाद गुरुवार को माता मंदिर प्रांगण मे 108 कन्याओ को कन्याभोज कराया जाएगा। जिसके बाद शुक्रवार को हवन के बाद मनोकामना ज्योत को शांत कराया जाएगा बीते 3 अक्टूबर से माता के अलग अलग रूपों का पूजा किया जा रहा है प्रतिदिन यहां श्रद्धांलू अपनी मनोकामना लिए पहुंच रहे है।

