बिलासपुर – मुस्लिम समाज के पाक महीने रमजान में एक नेकी के बदले 70 नेकिया का सवाब मिलता है रहमत और बरकतों के इस महीने में नेकी कमाने में छोटे बच्चे भी पीछे नहीं हैं रमजान का पवित्र माह शुरू हो चुका है रोजा रखकर सभी अल्लाह से दुआएं मांग रहे है। इस गर्मी में रोजा लगभग साढ़े 13 घंटे का है सिरगिट्टी गणेश नगर अन्नपूर्णा कॉलोनी सेक्टर 5 निवासी अलीशा परवीन पिता मोहम्मद नासिर ने मात्र 7 साल के ही उम्र में रमजान का पहला रोजा रखा और खुदा से देश प्रदेश के लिए दुआएं मांगी।

पूरी दुनिया मे अमन चैन बनी रहे,लोग एक दूसरे से कभी नफरत के बजाय हमेशा इखलाक मोहब्बत रखें क्योंकि यही मेरा मजहब और हमारा ईमान कहता है।अलीशा के परिवार का कहना है कि वह रमजान के चाँद रात से ही रोजा रखने की जिद पर अडिग थी।लेकिन उसकी उम्र अभी कम है इसलिए घर परिवार वाले भी डर रहे थे जैसा जैसा वक्त बितता गया अलीशा भूख और प्यास से पूरी तरह से मुरझाते चले जा रही थी। इसी दौरान वे अपनी हिंदी और अरबी की पढ़ाई के साथ खुदा का इबादत भी पूरे दिन भर करती रही। हालांकि हिम्मत नही हारी फिर शाम 6:14 मिनट का वक्त हुआ और खुदा की पुकार जैसे ही सुनाई दी अलीशा और उनके परिजनों ने खजूर खाकर पानी पीकर अपना पहला रोजा मुकम्मल किया। बताया जाता है कि इस महीने में पवित्र कुरान नाजिल हुआ था और इस महीने में जन्नत का दरवाजा खोल दिया जाता है वहीं खुदा रोजा रखने वालों की दुआएं कबूल करते है इस पवित्र महीने में गुनाहों को माफ करते है।

