कन्हैया कौशिक {बिलासपुर}
बिलासपुर – छत्तीसगढ़ में विधानसभा 2023 चुनाव का दूसरे चरण का प्रचार थम चुका है पहले चरण के चुनाव में दोनों ही पार्टियों अपनी अपनी तरीकों से सरकार बनने की दावा ठोक रही है पर यह तो रिजल्ट डिक्लेयर होने के बाद ही पता चलेगा कि कौन किस पर भारी पड़ता है बहरहाल आज हम आपको बिल्हा विधानसभा में बन रहे समीकरण के बारे में बता रहे हैं दरअसल यहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस में ही नजर आ रहा है पर लोगो से सीधे संवाद में आम आदमी पार्टी अपना अहम भूमिका बनाए हुए अलग माहौल बना दिया है यहां का रिजल्ट किसके पक्ष में आएगा कोई अंदाजा नहीं लगा पा रहा है विधानसभा बिल्हा में कल याने 17 तारिक़ को मतदान है जिसके लिए पुरी तैयारी हो चुकी है
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जिले के 6 विधानसभा सीट में बिल्हा एक ऐसी सीट है जहां पिछले कुछ चुनाव से जनता बारी बारी से भाजपा कांग्रेस दोनो पार्टियों को अवसर देती आ रही है। यदि ये परंपरा जारी रहा तो इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को खतरा है और कांग्रेस प्रत्याशी के जितने के आसार ज्यादा दिखाई दे रहे है। अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या धरम लाल कौशिक परंपरा को तोड़ पाएंगे ? वो भी तब जब प्रदेश में भूपेश बघेल के काम और लीडरशिप को जनता हाथोंहाथ पसंद कर रहे हो ? बिल्हा में हर चुनाव की तरह इस बार भी दो परंपरागत प्रतिद्वंदी आमने – सामने है। भाजपा ने जहां वर्तमान विधायक धरम लाल कौशिक को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने सियाराम कौशिक को चुनाव मैदान में उतारा है। इस क्षेत्र की जनता 1998 से जितने भी चुनाव हुए बारी बारी से भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी को जीतते रहे है। यदि यही ट्रेंड बरकरार रहा तो अबकी बार कांग्रेस के जितने की संभावना है। इस चुनाव वर्तमान सरकार के कामकाज को लेकर जनता के बीच नाराजगी नहीं है। बल्कि धान खरीदी और कर्जा माफी के कारण ग्रामीण जनता कांग्रेस के पक्ष में ही नजर आ रही है। फिलहाल बिल्हा विधानसभा में कुल 305982 मतदाता अपना विधायक चुनने के लिए शुक्रवार को मतदान करेंगे। इनमें से 1 लाख 51 हजार 943 महिला और 1 लाख 54 हजार 027 पुरुष मतदाता हैं। जबकि 8905 युवा मतदाता हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। वहां बड़ी संख्या में हरिजन और आदिवासी वोटर्स बड़ी मौजूद है। यह ओबीसी बाहुल विधानसभा है। इसमें करीब 45 फीसदी ओबीसी वर्ग के वोटर्स हैं जिसमें कुर्मी, साहू, लोधी और यादव शामिल हैं। वहीं, करीब 25 फीसदी हरिजन व आदिवासी वोटर हैं। वहां सिंधी वोटर भी निर्णायक भूमिका में है।
{प्रत्यासियों के सम्पर्क नहीं बनाने से जनता नाखुस } बिल्हा विधानसभा के कुछ ग्राम पंचायतो में प्रत्यासी का जाना भी भारी पड़ रहा है दरअसल लोगो की खरी खोटी का सामना करना पड़ रहा है वही जिन इलाको में पार्टी ने अपना प्रतिनिधि चुन कर प्रचार प्रसार करने की जिम्मेदारी जिसे सौंपी गई है वे खुद ही उस इलाके में लोगो के बिच धूमिल चेहरा है। एसे में लोग उस प्रत्याशी को ही इसका गुनेहगार मानते हुए उन्हें भी इसका असर दिखाने की ठान रखे है जिसका असर इस चुनाव में बखूबी नजर आएगा बहरहाल कल मतदान है देखना होगा की प्रशासन इसके लिए कितना त्यार है सिरगिट्टी इलाके में एक दिव्यांग सहित आदर्श महिला संगवारी व आदर्श युवा मतदान केंद्र सहित सेल्फी जोन लोगो को लुभाएगा वही इस बार महिला कर्मी भी यहा चुनाव सम्पन्न कराते नजर आएँगे।


